कलेक्टर ने पहाड़गढ़ विकासखण्ड़ के सहरिया बाहुल्य ग्रामों में लोक कल्याण शिविर के माध्यम से सुनी लोंगो की समस्यायें

समस्याओं को हल करने के लिये प्रशासन मुस्तैद है - कलेक्टर वर्मा 

कलेक्टर ने पहाड़गढ़ विकासखण्ड़ के सहरिया बाहुल्य ग्रामों में लोक कल्याण शिविर के माध्यम से सुनी लोंगो की समस्यायें 

मुरैना 25 नवम्बर 2020/सहरिया परिवारों को बिजली, पानी, राशन, पेंशन आदि सुविधायें मुहैया कराने के लिये प्रशासन मुस्तैद है। उनकी समस्याओं का समाधान त्वरित गति से होगा। इस उद्देश्य को पूर्ण करने के लिये लोक कल्याण शिविरों का आयोजन पहाड़गढ़ विकासखण्ड के सहरिया बाहुल्य ग्राम निचली बेहराई, मानपुर में पहुंचकर कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने लोंगो के बीच बैठकर समस्याओं को सुना। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री तरूण भटनागर, डीएफओ, तहसीलदार, जनपद सीईओ, पीएचई, फूड, महिला बाल विकास सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।            

कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने कहा कि लोक कल्याण शिविर का मतलब ग्रामीणों की समस्यायें हल करना है। इसमें ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है। यह समूह जुड़ने के बाद उन्हें 10 हजार रूपये शासन द्वारा एक मुस्त दिये जाते है। इसके बाद उन्हें ट्रेंनिंग दी जाती है और ट्रेंनिंग प्राप्त करने के बाद अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष के नाम से खाता बैंक में खोला जाता है, उसमें एक लाख रूपये कोई काम खोलने के लिये राशि प्राप्त होती है। यह राशि बिना ब्याज प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि महिलायें इसमें जुड़े और समूह अपनी उन्नति करने के लिये अपने-अपने छोटे-छोटे कार्य जैसे-सिलाई सेन्टर, मधुमक्खी पालन, सब्जी विक्रय उद्योग आदि संचालित करके महिलायें अपनी आर्थिक उन्नति कर सकती है। निचली बेहराई में ग्रामीणों को पगारा डेम से पाइप लाइन द्वारा पानी मिलने का आश्वासन प्रस्ताव शासन को भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि 2000 में जो पट्टे निरस्त हो गये थे, उन्हें शासन को पुनः दिखाया जायेगा। निचली बेहराई में आवास के 158 के नाम जोड़े गये है। उन्होेंने कहा कि जो महिलायें कुपोषित है, उन्हें आयरन की गोलियां खिलाई जायें, जो बच्चे एनआरसी में है, स्वस्थ्य होकर आ चुके है। अब दूसरे बच्चों को भेजा जायेगा। ग्रामीणों की मांग पर निचली बेहराई में 11 छोटे-छोटे चैक डेम नरेगा द्वारा बनाये जा रहे है। एक बड़ा डैम बनाने के लिये प्रस्ताव शासन को भेजा जायेगा। इसी प्रकार वनभूमि का मुद्दा आदिवासी का अधिकार इस संबंध में भी उन्होंने आदिवासियों को आश्वासन दिया। जो लोग पात्रता पर्ची से छूट गये है, उनका भी प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने आदिवासी परिवारों की महिलाओं को 1 हजार रूपये प्रतिमाह मिलने की बात पूछी। इस पर 28 महिलायें बिना आधार के छूट चुंकी है, उनके आधार फीड करने के निर्देश दिये। 

कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने ग्राम मानपुर में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। 10 लोंगो को पात्रता पर्ची में आधार से जोड़ने के निर्देश दिये। वहीं ग्रामीणों की मांग पर दो हेण्डपम्पों में सिंगल फैस की मोटर डालकर पेयजल के प्रबंध करने के निर्देश पीएचई विभाग को दिये। उन्होंने कहा कि मानुपर में बड़ा तालाब बनें, जिससे वाटरलेबल नीचे नहीं जाये। इसके लिये सिंचाई विभाग के माध्यम से प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिये। मौके पर जिला पंचायत के सीईओ ने बताया कि मानुपर गांव में 5 तालाव नरेगा से स्वीकृत हुये है, 3 पर कार्य चालू है। कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत दो-दो हजार रूपये की किस्त सभी किसानों के खाते में पहुंच रही होगी। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री एक साल में दो-दो हजार करके 4 हजार रूपये किसानों के खातों में डालेंगे। सभी किसान अपने-अपने खेतों का पंजीयन पटवारी से अवश्य करालें। ग्राम मानपुर में 23 पट्टे जमीन के दिये थे, जो किन्हीं कारण 2000 में निरस्त हो गये थे। उनका प्रस्ताव शासन को भेजा जायेगा। 

लगी लगाम, आया आदेश, अदालत और मीडिया में नहीं जा सकेंगें मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी, पहले कंपनी से निबटो इजाजत लो उसके बाद जाओ

मुरैना 25 नवम्बर अपनी नौकरीयों से और सेवाओं में शिकायतों को लेकर बिजली कंपनियों के कर्मचारी सीधे अदालत चले जाते थे या मीडिया में बयानबाजी कर देते थे ऊर्जा विभाग म प्र शासन और बिजली कंपनीयों के प्रधान व मुख्य कार्यालय द्वारा अब इस पर रोक लगा दी गयी है ।

उल्लेखनीय है कि , 51 प्रतिशत शेयर अगर किसी कंपनी में सरकार के हों तो वह कंपनी सरकारी क्षेत्र की कंपनी कही जाती है और सरकार को ही उसका चेयरमेन सी ई ओ जनरल मैनेजरमैनेजिंग डायरेक्टर तथा अन्य प्रमुख पदों पर नियुक्ति के अधिकार मिल जाते हैं मध्यप्रदेश में बिजली के क्षेत्र में काम कर रहीं तीनों कंपनियां इसी श्रेणी की कंपनियां हैं ।

सरकारी क्षेत्र की किसी भी कंपनी में काम करने वाला प्रत्येक कर्मचारी इस प्रकार मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1965 के अधीन आकर मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण एवं व्यवहार नियम (म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण एवं नियंत्रण अपील अधिनियम 1966 ) के अधीन शासित होता है इस अधिनयम में यह प्रावधान है कि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी बिना विभाग की पूर्व अनुमति प्राप्त किये या इजाजत लिये बगैर किसी भी कोर्ट ( अदालत ) में नहीं जायेगा और मीडिया में नहीं जायेगा यदि वह ऐसा करता है तो अधिनियम में उसके लिये शास्ति/ दंड प्रावधानित है । इसी के तहत अब मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा राज्य शासन के निर्देशानुसार राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 की कंडिका-20 के प्रावधानानुसार कार्मिकों के सेवा मामलों से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए कंपनी क्षेत्रान्तर्गत कंपनी स्तर, क्षेत्रीय कार्यालय स्तर एवं वृत्त स्तर पर आंतरिक शिकायत निवारण समितियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने एवं निवारण की प्रक्रिया निर्धारित कर दी है।

कंपनी क्षेत्रांतर्गत वर्तमान में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त सभी अधिकारी/कर्मचारी मध्यप्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 की कंडिका 20.3 के अनुसार अपनी सेवा संबंधी शिकायतों के लिये न्यायालय में जाने के पूर्व अपनी शिकायत सक्षम आंतरिक शिकायत निवारण समिति के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करेंगे।

सेवा संबंधी मामलों में कंपनी की अधिकार प्रत्यायोजन पुस्तिका (DOP) के अनुसार जिस स्तर के अधिकारी को संबंधित अधिकार प्रदत्त है, कर्मचारी/अधिकारी को शिकायत संबंधी आवेदन उस कार्यालय की शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष को संबोधित कर देना होगा। ऐसे आवेदन प्राप्त होने पर, 8 सप्ताह के अंदर शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित कर नियमों के परिप्रेक्ष्य में अपने निर्णय से संबंधित शिकायतकर्ता को सूचित करना होगा, यदि शिकायत निवारण समिति शिकायत का निवारण करने में सक्षम नहीं पाती है, तो शिकायती आवेदन उच्च स्तर की शिकायत निवारण समिति को अविलंब अग्रेषित कर सकेगी।

आंतरिक शिकायत निवारण समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसी प्रकरण में अपील में जाने के पूर्व इस आशय का प्रमाण-पत्र जारी करे कि कार्मिक का प्रकरण आंतरिक शिकायत निवारण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, किंतु उसका निवारण नहीं हो सका।

सभी शिकायत निवारण समितियां प्रत्येक माह में एक बार बैठक करेगी, वृत्त एवं क्षेत्रीय स्तर पर जहां यह पाया जाता है कि कतिपय प्रकरणों में कंपनी के निर्देशों के पुनःअवलोकन किये जाने की आवश्यकता है तो वह उसे कार्पोरेट स्तर समिति के समन्वयक महाप्रबंधक (स्थापना) को निर्दिष्ट करेंगी।

ऐसे सभी अभ्यावेदनों के निराकरण करने के लिये 8 सप्ताह की एक समय-सीमा नियत की गई है। उक्त के परिपालन में मैदानी कार्यालय प्रत्येक माह की 5 तारीख तक क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से शिकायत निवारण समिति की बैठक कार्यवाही विवरण कंपनी मुख्यालय/कार्पोरेट कार्यालय को निर्धारित प्रपत्र में अनिवार्य रूप से प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करेंगे। 

उरहेरा में ग्रामीण बेरोजगार महिलाओं को नि:शुल्क सोफ्टटॉयस बनाने का प्रशिक्षण संपन्न

 सेन्ट ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान मुरैना द्वारा ग्राम पंचायत उरहेरा में ग्रामीण क्षेत्र की गरीब बेरोजगार महिलाओं को नि:शुल्क 13 दिवसीय मखमली खिलौना बनाने का प्रशिक्षण 5 नवम्बर से 21 नवम्बर 2020 तक संचालित किया गया था। जिसका समापन मंगलवार को ग्राम उरहेरा तहसील जौरा में किया गया। संस्था के निदेशक श्री आरपी गर्ग ने कहा कि समस्त प्रशिक्षणार्थी अपना स्वयं का व्यवसाय पूर्ण मेहनत, लगन एवं ईमानदारी से करें एवं अपना स्वयं का रोजगार स्थापित करें, जिससे महिलायें प्रशिक्षण पश्चात् स्वयं स्वावलम्बी होकर स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर हो सके। इस बैच में 35 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। जो ग्राम पंचायत उरहेरा के विभिन्न ग्रामों से थीं।                

       इस अवसर पर सरपंच श्रीमती सुमन जौनवार, फैक्ल्टी श्री रियाज खान, श्री जे.एस. प्रजापति, गेस्ट फैकल्टी श्रीमती संतोषी सेन, श्री डीपी धाकड़ और समूह प्रेरक एनआरएलएम जौरा श्री अनूप शुक्ला उपस्थित थे।



रेत माफिया और खनन माफिया की खैर खबर ली जायेगी- जिला स्तरीय टास्कफोर्स की बैठक कलेक्टर अनुराग एवं पुलिस अधीक्षक अनुराग की उपस्थिति में संपन्न

कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया की उपस्थिति में गत दिवस कलेक्ट्रेट सभागार मुरैना में जिला स्तरीय टास्कफोर्स की बैठक संपन्न हुई। बैठक में खनिज एवं अवैध परिवहन तथा वाहनों पर नंबर डालने के अभियान पर विस्तार से दिये निर्देश। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, वनमण्डलाधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुभाग मुरैना, जिला परिवहन अधिकारी, जिला खनिज अधिकारी, एस.डी.ओ., राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण्य देवरी उपस्थित थे।            
    जिला टास्कफोर्स बैठक की शुरूआत कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा के द्वारा की गई, पूर्व की टास्कफोर्स बैठक का पालन प्रतिवेदन अवलोकन किया। जिला खनिज अधिकारी द्वारा एजेण्डा दिया, जिस पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा बिन्दुवार चर्चा की। कलेक्टर श्री वर्मा ने वन विभाग को राजघाट व अन्य स्थानों पर प्रभावी कार्यवाही हेतु योजना बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। आवश्यक बल उपलब्ध कराने के लिये पुलिस अधीक्षक श्री सुजानिया ने आश्वासन दिया।   
    जिला खनिज अधिकारी द्वारा स्वीकृत खदानों की सूची वनमण्डलाधिकारी मुरैना को उनके द्वारा मांगने पर दी। जिससे आगे अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर संयुक्त कार्यवाही करने में आसानी हो। चंबल सेंचुरी से 10 कि.मी. की परिधि में कोई ऑर्मस् लाइसेंस न दिये जावे। इस संबंध में वनमण्डलाधिकारी द्वारा कलेक्टर को अवगत कराया गया। जिस पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्धारित निर्देश उपलब्ध कराने हेतु वन विभाग मुरैना को निर्देश दिये गये। खनिजों के परिवहन में संलग्न वाहनों पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित कराये जाने हेतु जिला परिवहन अधिकारी मुरैना को निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि अवैध खदानों का संयुक्त निरीक्षण वन, राजस्व एवं खनिज विभाग द्वारा करवाया जाये। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया ने बल उपलब्ध कराने हेतु सहमति दी। जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण पर जिला स्तरीय टास्कफोर्स टीम द्वारा संयुक्त कार्यवाही की जाये। इसके प्रभारी वनमण्डलाधिकारी होगें। अवैध चिमनी भट्टों पर खनिज विभाग द्वारा विगत् 10 माह में कार्यवाही की गई है, जिसके फलस्वरूप चिमनीभट्टों के नवीन स्वीकृति एवं लंबित आवेदनों में प्रगति लाई गई है। खनिज अधिकारी द्वारा बताया कि नवीन ईट भट्टा स्वीकृत हो रहे हैं एवं उनमें खनिज राजस्व प्राप्त हो रहा है। साथ ही अवैध भट्टों पर कार्यवाही चल रही है।
    कलेक्टर ने कहा कि वन क्षेत्रों में अवैध खनन, परिवहन, भंडारण पर वनमण्डलाधिकारी द्वारा कार्यवाही की जावे। इसके लिये वनमण्डलाधिकारी को सूची देकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। उन्होंने खनिज विभाग को निर्देश दिये कि लेप्स (अवधि समाप्त) खदानों की सूची वनमण्डलाधिकारी को दी जाये, जिससे कार्यवाही आसान हो। कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिये कि जिन वाहनों पर पंजीयन नहीं है (आर.टी.ओ. नंबर नहीं है) उन पर जांच कर कार्यवाही करें और ओवरलोड वाहनों पर कार्यवाही की जाये। इसके प्रभारी अधिकारी जिला परिवहन अधिकारी रहेगें। 


दिमनी से मुरैना ला रहे जितेन्द्र तोमर का ट्रेक्टर में 100 बोरी बाजरा ले जाते समय एसडीएम ने किया जब्त

 
दिमनी की ओर से मुरैना की ओर ला रहे 100 कटटे बाजरा सहित ट्रेक्टर को अनुविभागीय अधिकारी श्री आरएस बाकना ने जब्त कर कोतवाली भेज दिया है। एसडीएम श्री बाकना ने बताया कि जितेन्द्र सिंह तोमर ट्रेक्टर क्रमांक एमपी 06 एबी 6699 मुरैना की ओर जा रहा था। जिसे पॉलीटेक्निक कॉलेज पर पूछताछ की, जिसमें 100 कटटे बाजरा के भरे हुये थे। किसी प्रकार के कोई कागज प्रस्तुत न करने पर ट्रेक्टर ड्रायवर और 100 कट्टे जब्त कर कोतवाली भेज दिया है।

उपचुनाव में जमा किये गये शस्त्र वापिस किये जायें - कलेक्टर

 कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने आदेश जारी कर बताया कि विधानसभा उपनिर्वाचन 2020 को निष्पक्ष एवं निर्बाद रूप से संपन्न कराये जाने हेतु जिले के समस्त शस्त्रधारियों के शस्त्र संबंधित थानों एवं आर्म्स डीलरों के यहां जमा कराये गये थे। विधानसभा उपनिर्वाचन 2020 संपन्न हो चुका है। आचार संहिता भी समाप्त हो चुकी है। जिले के समस्त लायसेंसधारियों के शस्त्र (उन शस्त्र लायसेंस धारियों को शस्त्र वापिस किये जायेंगे, जिनके लायसेंस पर यूनिक आईडी नंबर अंकित कराया गया है। तथा शस्त्र की किसी भी प्रकार में आवश्यकता न हो) वापिस किये जायें।

जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं पंच की जानकारी ऑनलाइन भेजें

 संयुक्त कलेक्टर एवं उपजिला निर्वाचन अधिकारी श्री एल के पाण्डे ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को अवगत कराया है कि जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं पंच पद की जानकारी ऑनलाइन भेजने के निर्देश प्राप्त हैं जिसमें जिन पंचायतों का कार्यकाल मार्च 2020 में पूर्ण हो गया है या जिन पंचायतों का कार्यकल 2021 तक पूर्ण हो रहा है या नवगठित ऐसी पंचायतों के पदों संबंधी जानकारी भेजी जाना है। इस संबंध में उक्त जानकारी शीघ्र इस कार्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। 

कलेक्टर आज आदिवासी बाहुल्य ग्राम में चौपाल लगाकर सुनेंगे समस्यायें

सरकार की प्राथमिकता वाली समस्याओं का तुरंत निराकरण करने के लिये पहाड़गढ़ विकासखंड के शहरिया बाहुल्य ग्रामों में कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा 25 नवंबर को ग्रामीणों के बीच बैठकर चौपाल में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार कलेक्टर पहाड़गढ विकासखंड के ग्राम निचली बहराई में प्रात: 11 बजे, मानपुर में दोपहर 12:30 बजे, कनाहर में 3 बजे, जडेरू में 3:45 बजे और ग्राम पंचायत खडरियापुरा में 4:30 बजे उपस्थित होकर शहरिया परिवारों की शिकायत एवं समस्याओं का समाधान मौके पर करेंगे। चौपाल के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, वनमंडलाधिकारी, जिला आपूर्ति, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कार्यपालन यंत्री एमपीईबी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, उपसंचालक सामाजिक न्याय, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण तथा जनसंपर्क विभाग उपस्थित रहेंगे। 
 

बिना लायसेंस के बाजरा क्रय करने वाली दुकान ( फड़) को किया सील

 कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया मंगलवार को प्रात: 11:30 बजे अंबाह की ओर भ्रमण पर जा रहे थे। इस दौरान पॉलीटेक्निक कॉलेज के सामने रामकुमार नाम का व्यक्ति अपनी दुकान के सामने फड़ लगाकर बाजरा क्रय कर रहा था। कलेक्टर ने दुकानदार रामकुमार से बाजरा खरीदने का लायसेंस पूछा दुकानदार लायसेंस बताने में असमर्थ था। इस पर कलेक्टर ने कहा कि बिना लायसेंस के कोई भी दुकानदार किसी किसान की उपज क्रय नहीं कर सकता। कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम मुरैना ने दुकान को तत्काल सील कर दिया। जब लायसेंस प्रस्तुत करेंगे तभी दुकान खोलने की अनुमति होगी।

सीएम किसान योजना में लक्ष्य पूर्ण न करने पर घटिया काम करने वाले 4 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी

 सीएम किसान योजना का कार्य 25 अक्टूबर से 20 नवम्बर 2020 तक लक्ष्य के अनुरूप शतप्रतिशत फीडिंग का कार्य करना था। जिसमें मेरे द्वारा 23 नवम्बर को सीएम किसान योजना की पोर्टल पर देखकर समीक्षा की गई, जिसमें 4 पटवारियों ने घटिया कार्य किया है। इसलिये इन चारों पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये है। यह नोटिस अनुविभागीय अधिकारी मुरैना श्री आरएस बाकना द्वारा जारी किये है। जानकारी में उन्होंने बताया कि हल्का नम्बर-22 के पटवारी महेश कुमार उच्चारिया ने दीखतपुरा में 157 में से शून्य, पिपरसेवा में 251 में से 50, हल्का नम्बर-03 की पटवारी श्रीमती संजू मुदगल ने मसूदपुर में 51 में से शून्य, बिण्डवा क्वारी में 59 में से शून्य, हल्का नम्बर-39 की पटवारी श्रीमती वंदना मिश्रा ने ग्राम डोमपुरा में 122 में से 38 और हल्का नम्बर 45 के पटवारी पवन डण्डोतिया ने ग्राम मुडियाखेरा में 151 किसानों के मात्र 14 सीएम किसान योजना में पोर्टल पर दर्ज किया है। यह सब शासकीय कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता प्रदर्शित करता है। इस संबंध में संबंधित पटवारी दो दिवस के अंदर लक्ष्य पूर्ण करावें। अन्यथा चारों पटवारियों की एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी जावेगी।

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