सीधी जिले की बस दुर्घटना को ध्यान में रखते हुये नहरों के किनारों से गुजरने वाले वाहनों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें - कलेक्टर

गत दिवस सीधी जिले में बस दुर्घटना को ध्यान में रखते हुये कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन ने राजस्व, पुलिस, आरटीओ और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये है कि इस प्रकार की पुनर्वती न हो। इसलिये नहरों की पट्टी से गुजरने वाले वाहनों का अवलोकन करें और आवश्यकता हो तो मैटल व्हीम क्रैस बेरियर लगायें। ये निर्देश उन्होंने शुक्रवार को चंबल मुख्य दायनी नहर जो 69 किलोमीटर तक दूरी तय करती है, उस रोड़ का निरीक्षण करते समय दिये। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार पाण्डेय, एसडीएम, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्रीमती अर्चना परिहार, पीडब्ल्यूडी, टोल प्लाजा प्रबंधक श्री नारायणस्वरूप बरूआ,पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 
     कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन ने निर्देश दिये है कि मुरैना से सबलगढ़ तक 69 किलोमीटर चंबल मुख्य दायनी नहर पर सीसी रोड़ का निर्माण पूर्व में कराया गया था, इस रोड़ पर बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरने पर दो बसों को देवगढ़ थाने में रखा गया है। इसके अलावा इस रूढ़ पर 13 बसे और चल रहीं थी। इसके लिये कलेक्टर ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये कि सुरक्षा की दृष्टि से कुछ समय के लिये बसों का आवागमन बंद कर दिया जाये। आवश्यकता हो तो 13 बसों के परमिट निरस्त कर दिये जायें और मिनी बस, टेम्पू के परमिट जारी किये जायें, जिससे यात्रियों का आवागमन में बाधा उत्पन्न नहीं हो। उन्होंने कहा है कि चंबल दायनी नहर पर मैटल व्हीम क्रेस बेरियर का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी तैयार कर मेरे माध्यम से शासन को भेजा जाये। इस रूढ़ पर 14 से 15 मैटल व्हीम बेरियर 4 से 5 किलोमीटर के दूरी पर लगा दिये जायें, जिससे ओवरलोडिंग सवारियां लेकर बसों में यात्रा न कर सकेें। इसके अलावा जिले में अन्य नहरों की पगड़डियों पर चलने वाली बसों की भी निगरानी की जाये।

जिले में 1 हजार बसों का परमिट जारी

    क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्रीमती अर्चना परिहार ने बताया कि जिले में 1 हजार 1 बसों के परमिट जारी है, जिसमें अधिकतर 500 बसें मुरैना-ग्वालियर रूढ़ पर संचालित है। इसके लिये कलेक्टर श्री कार्तिकेयन ने निर्देश दिये कि बस मालिकों की अगले दिन बैठक बुलाई जाये और उनको स्पष्ट रूप से निर्देश दिये जाये कि बस मालिक अपने-अपने बसों के फास्ट टैग अवश्य करा लें। बस मालिक फास्ट टैग नहीं लगवाते है और किसी कारण लाइन में लगकर टोल प्लाजा पर खड़े होते है तो उन बसों के परमिट निरस्त किये जायें।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने टोल प्लाजा का किया निरीक्षण

    कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन व पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार पाण्डेय ने टोल प्लाजा पहुंचकर फास्ट टेग के कार्य पद्धति को देखा, जिसमें एक वाहन 5 से 7 मिनिट में पास होना देखा गया। जिसमें कलेक्टर ने पार्थ इंडिया टोल प्लाजा के प्रबंधक को निर्देश दिये कि कार्य में तेजी लायें, ट्रेन्ड़ कर्मचारी रखें। इसके अलावा वाहन गुजरने के लिये एक रौ और अलग से बनायें। उन्होंने कहा कि जिस लाइन में ट्रक निकल रहें हों, उसके सांकेतिक निशान लगायें या व्यक्ति को खड़ा करें। छोटे वाहन के लिये अलग से लाइन रखी जावें। कलेक्टर ने टोल प्लाजा के समीप डिवायडर को ऊंचा करने एवं दो किलोमीटर तक डिवायडर में किसी भी प्रकार के कट नहीं होने की बात कही। 
    कलेक्टर ने आरटीओ ऑफिस के डिवायडर कट और करूआ गांव के डिवायडर को बंद करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने नहर के किनारेे से शिकारपुर नहर पर पहुंचकर मौका मुआयना लिया, वहां पर मैटल व्हीम क्रेस बेरियर लगाने के निर्देश पीडब्ल्यूडी को दिये, ताकि इन स्थानों से बसें आदि नहीं निकल सकें। इन सबके लगने से किसी भी प्रकार की घटना नहीं होगी। भ्रमण के पूर्व कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने कलेक्टर कक्ष में बैठक रखी। बैठक में अपर कलेक्टर, नगर निगम कमिश्नर श्री अमरसत्य गुप्ता द्वारा दिये गये सुझावों पर भी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने अमल किया।

    वाहन मालिकों से फास्ट टेग लगवाने की अपील की

    कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने शहर के वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों पर फास्ट टेग अवश्य लगवाये, अन्यथा टोल प्लाजा पर लाइन में लगकर अपना डीजल एवं महत्वपूर्ण समय व्यर्थ न गवायें। 



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