सीएम किसान कल्याण में पोर्टल पर संख्या संतोषजनक नहीं, मिलावटी सामान जहां बन रहा है उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही - कलेक्टर

 

कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने राजस्व अधिकारियों की बैठक में पाया कि सीएम किसान कल्याण पोर्टल पर मुरैना जिला अच्छी स्थिति नहीं है। जिसमें सबलगढ़, कैलारस के राजस्व अधिकारियों को छोड़कर सभी के द्वारा अच्छा कार्य नहीं किया गया है। इन सभी राजस्व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। यह निर्देश उन्होंने शनिवार को नवीन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक में दिये। इस अवसर पर अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर श्री एलके पाण्डे, डिप्टी कलेक्टर, एएसएलआर, समस्त एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार उपस्थित थे।  
    कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने समीक्षा में पोर्टल पर पाया कि तहसील मुरैना नगर में सीएम किसान के 1 हजार 586 में से 507, तहसील बानमौर में 12 हजार 399 में से 6070, तहसील मुरैना में 23 हजार 893 में से 8 हजार 381, तहसील पोरसा में 22 हजार 961 में से 11 हजार 447, तहसील अंबाह में 29 हजार 82 में से 14 हजार 178, तहसील कैलारस में 24 हजार 601 में से 14 हजार 675, सबलगढ़ में 25 हजार 290 में से 18 हजार 52 और तहसील जौरा में 51 हजार 4 में से 23 हजार 170 का पोर्टल पर फीडिंग पदर्शित हो रहा है। इसमें सबलगढ़ और कैलारस की स्थिति ठीक है। इनको छोड़कर शेष सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदारों को कारण बताओे नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने समस्त एसडीएमों को निर्देश दिये कि जिन पटवारियों के हल्के में 50 प्रतिशत से कम फीडिंग का कार्य किया है, उन पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर मुझे सूचित करें।
    कलेक्टर श्री वर्मा ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले में मिलावट सामग्री तैयार कहां पर हो रही है यह राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पटवारियों के माध्यम से देंखे और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाही करें। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 120 गौशालायें स्वीकृत की गई थी, जिसमें 70 गौशालाओं पर भूमि उपलब्ध होने के बाद निर्माणाधीन है। शेष 50 ऐसी गौशालायें है, जिनके लिये अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं है। उन गौशालाओं के लिये भूमि उपलब्ध कराने के लिये राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों की मॉनीटरिंग करके भूमि उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि गौशालाओं के लिये 10 बीघा कम से कम भूमि की आवश्यकता है। जिन पंचायतों में शासकीय भूमि नहीं है वह चरनोई की भूमि से भी गौशाला के लिये भूमि दी जा सकती है। इस कार्य को राजस्व अधिकारी प्राथमिकता से करें।

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